वावजूद वहां से नियमित उड़ानें विभाग चालू नहीं कर पाया, सुरक्षा कारण, अतिक्रमण एवं एयरपोर्ट एप्रोच लाइन पर निर्माण अहम् कारण है तो एयरपोर्ट की ढाई सौ करोड़ की जमीन पर अतिक्रमण होना तथा उसके अंदर रेस्टोरेंट संचालन, होटल संचालन होना भी मुख्य कारण है। द्विवेदी ने बताया कि पुराने एयरपोर्ट टर्मिनल भवन के सामने पंचशील नगर बस्ती के सामने एयरपोर्ट विभाग ने अपनी जमीन को कम्पाउन्ड बाल बनाकर सुरक्षित रखा था। यह जमीन मुख्य सड़क पर लगभग 125000 फीट से अधिक है। रिलायंस पेट्रोल पंप तथा विद्युत मंडल को लीज पर दी गई जमीन को छोड़कर, इस मुख्यमार्ग की जमीन एवं सुरक्षित की हुई जमीन पर दोषी नामक कालोनाईजर ने तथा अरिहंत फार्म हाऊस ने अवैध कब्जा किया तथा बोरवेल कंपनी रेस्टोरेंट संचालकों आदि को किराये पर दे दिया। मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एड्वोकेट प्रमोद कुमार व्दिवेदी ने मय दस्तावेज मय छाया चित्र इसकी शिकायत की पर सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर नागरिक उड्डयन मंत्री एवं एयरपोर्ट विभाग के उच्च अधिकारियों को की। जांच रिपोर्ट गोपनीय मंगवाई गई। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने फिर विभाग को झूठी जानकारी भेजी तो शिकायत करने वाले ने ताजी स्थिति एवं जिम्मेदार अधिकारियों के इन रेस्टोरेंट में आये दिन होने वाली पार्टी आदि की जानकारी भेज दी तथा अधिकारियों को स्पष्ट जानकारी दी कि अगर बिना कार्यवाही तथा अतिक्रमण हटाए पुराने एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उपयोग किया गया तो दुर्घटना तथा हादसा होने का खतरा बरकरार रहेगा तथा एयरपोर्ट विभाग जो मप्र सरकार से 165 एकड़ जमीन सरकार से मांग रहा है तो यह मामला भी उठेगा कि अपनी जमीन की सुरक्षा एयरपोर्ट विभाग नहीं कर पा रहा, अतिक्रमण हो रहे हैं, कब्जा हो गया है, तो इन सब शिकायतों ने एयरपोर्ट डायरेक्टर की विदाई सुनिश्चित कर दी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 25 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




