मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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अग्रवाल समाज चुनाव में आज दोपहर समझौते की पहल

नाम वापसी का आज आखिरी दिन, जिनके पास वोट है उनकी हो रही है मनुहार, किशोर गोयल ने भी किया पैनल का साथ देने से किनारा

अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति के चुनाव समीप आ गए हैं। चुनाव की प्रक्रिया में आज नामांकन वापसी का अंतिम दिन है और कल से आमने-सामने का बिगुल चुनावी रण का दिखाई देगा। दोनों पैनल के रणबांकुरे अपनी टीम और स्वयं के लिए वोट की गुहार सोशल मीडिया और फोन के अलावा सीधे करते भी दिखाई दे रहे हैं। जिन लोगों के पास वोट का जखीरा है अभी उन्हें लुभाने की कोशिश में दोनों पैनल लगी है, कई प्रमुख लोगों से वादे भी किए जा रहे हैं, जिनके पास वोट का जखीरा है उन्हें सलाहकार मंडल की पोस्ट का वादा भी किया जा रहा है। समाज में भलाई-बुराई नहीं हो इसके लिए भी कई लोग चुप्पी साधे हुए हैं। पहले प्रेमचंद गोयल ने दोनों ही पैनल और सीधी राजनीति से किनारा किया था, इसकी जानकारी समाजजनों को साझा की थी और अब कल पूर्व अध्यक्ष किशोर गोयल ने भी अपने आपको दोनों पैनल और सीधे चुनाव की राजनीति से अपने आपको को अलग कर लिया। कल समाज के सोशल ग्रुप में जमकर चला कि कोई प्रभावशाली उम्मीदवार अपना नाम आज वापस ले सकता है। इधर सूत्रों का कहना है कि आज दोपहर के बाद एक समझौता वार्ता की कोशिश की जा रही है, जिसमें सबसे पहले अध्यक्ष पर सर्वानुमति से एक नाम तय कर लिया जाए और उसके बाद दोनों टीमों को आधा-आधा बांट दिया जाए। बचे लोगों को सलाहकार मंडल में भी ले लिया जाए। कहा तो यह भी गया है कि वरिष्ठतम समाजसेवियों को इसके लिए बीच में डाला जाएगा और पूर्व अध्यक्ष भी इस समझौता वार्ता में बैठेंगे। इधर भरत ऐरन महामंत्री का चुनाव बंसल की ओर से लड़ रहे हैं इसलिए उनके भाई राम ऐरन को भी अब श्री अग्रसेन सनातन पैनल से जोड़कर देखा जा रहा है। अब नाम वापसी के पहले दोपहर की समझौतावर्ता पर सबकी निगाह लगी हुई है। अगर समझौता हो जाता है तो ठीक है, अगर नहीं हुआ तो कल से चुनाव का रण आमने-सामने का शुरू हो सकता है। वरिष्ठ समाजसेवी किसी भी हाल में चुनाव नहीं चाहते हैं। इसलिए इसकी उम्मीद भी दिखाई दे रही है कि आज दोपहर के बाद शाम तक समझौता हो जाए। सूत्रों का यह भी कहना है कि जरूरत पड़ी तो एक दिन नाम वापसी का आवेदन लगवाकर बढ़वाया भी जा सकता है। अगर राजीनामा होता है तो बाकी लोगों के नाम वापस होने में समय लगेगा इसलिए सबकुछ समाजहित में किया जा सकता है। इधर कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जो तीन से चार बार चुनाव लड़ चुके हैं, अब सोशल मीडिया पर भी समाजजन उनसे पूछ रहे हैं कि उन्होंने क्या-क्या काम किया है वह भी स्पष्ट करें तो उन्हें वोट दिया जा सके।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 15 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें