गौमाता के संरक्षण, संवर्धन एवं गौहत्या की पूर्ण समाप्ति के लिए केंद्र सरकार को पृथक गौ मंत्रालय की स्थापना करनी चाहिए। यह बात आचार्य सुनील सागर म.सा. ने स्वामी कृष्णानंद म.सा. से विस्तृत चर्चा के दौरान कही। आचार्य श्री ने कहा कि गौ संरक्षण अब केवल धार्मिक भावना का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय है। यह सही समय है कि केंद्र और राज्य सरकारें निर्णय लेकर गौ संरक्षण को प्राथमिकता दें। केंद्र में गौ मंत्रालय की स्थापना गौमाता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने की दिशा में भी एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध हो सकता है।
स्वामी कृष्णानंद महाराज ने भी कहा कि गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ा विषय है। इसके लिए सरकार और समाज को मिलकर दीर्घकालीन एवं प्रभावी व्यवस्था बनानी होगी। इंद्रकुमार सेठी, वीरेन्द्र जैन, विजय बाकलीवाल, गिरीश पाटोदी, संदीप गंगवाल, केसी जैन, टीके वेद, प्रवीण खारीवाल, मनीष बिसानी, धर्मेश शाह, भरत जोशी, शर्मिला जैन आदि उपस्थित थे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 12 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें


