गए और रचनाकारों ने रचना भी हिन्दी पर प्रस्तुत की। इस कार्य में वेदिक प्रकाश आर्य, राधेश्याम बियानी, रामलाल प्रजापति, डॉ. उषा किरण त्रिपाठी, नीरज शर्मा, संध्या मयूरी, हरीश सोडानी, द्रोणाचार्य दुबे, गजानन्द पाटीदार, मित्रा शर्मा, मीनाक्षी यादव, नारायण चौहान सहित अन्य ने अपनी भूमिका निभाई।
दलालबाग में शुरू हुआ, जो 25 सितम्बर तक चलेगा। राजेश जैन ने बताया कि आचार्य सुधा सागर म.सा. के सानिध्य में शिविर में 6 हजार से अधिक शिवरार्थी इन 10 दिनों में साधु की तरह जीवन जियेंगे। यह शिवरार्थी पूरे देश के अलावा विदेश से भी आए हैं। इन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीयन कराया था। यह सभी श्रावक अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण कर साधु का जीवन जीते हुए 10 दिनों में 10 लक्षण धर्म पर्व की आराधना करेंगे। शिविर आज से शुरू हो चुका है, आज सुबह जैन संतों के प्रवचन भी सुने गए। इन शिवरार्थियों ने धोती और दुपट्टा धारण किया है इसके अलावा यह कोई भी वस्त्र धारण नहीं करेंगे। हेयर आइल, दर्पण, कंघा, साबुन एवं अन्य सौंदर्य प्रसाधन सामग्री का भी उपयोग नहीं कर सकेंगे। कुल मिलाकर मुनि का जीवन आज से 10 दिनों तक यह हजारों शिवरार्थी जियेंगे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 16 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 6 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें


