फ्लाई दुबई के जांबाज भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार से इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने फोन पर बात की। मछार ने नेतन्याहू को बताया कि ओमानी को- पायलट हमाम अल-हम्मामी अपनी सीट से यह कहते हुए उठा था कि वह नमाज पढ़ना चाहता है। इसके कुछ ही मिनट बाद उसने पीछे से मुझ पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। स्मित मछार ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि को-पायलट उनके पीछे नमाज पढ़ रहा है। उन्होंने सम्मान के चलते जानबूझकर पीछे मुड़कर नहीं देखा। लेकिन करीब चार-पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार वार हुआ। हमले में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी विमान में आपात स्थिति के लिए रखी गई थी। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना की है। उन्होंने स्मित को 'इजरायल, भारत और दुनिया का हीरो' बताया। नेतन्याहू ने स्मित मछार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने और स्वतंत्रता दिवस समारोह की ज्योत जलाने के लिए आमंत्रित भी किया है। हमले में घायल स्मित को सऊदी अरब से संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया है, जहां वह अपनी चोटों से उबर रहे हैं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 4 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें

