नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को 23 घंटे बाद रिहा कर दिया गया है। तीनों को दिल्ली केन्ट पुलिस स्टेशन में एक्टिजिविट मजिस्ट्रेड कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने रिहाई के साथ एक साल शांति भंग न करने की शर्त भी रखी है। इसके अलावा शनिवार को प्रदर्शन करने के मामले में 20 से ज्यादा एफआईआर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की है। सूत्रों के मुताबिक कानून हाथ में लेने, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ मरापीट करने के मामले दर्ज हुए है। पुलिस स्टेशन से रवाना होने के दौरान तीनों ने कोई बात नहीं की। हालांकि दोपहर में प्रेस कांफ्रेंस करने की बात सामने आ रही है। इधर आज भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। दिल्ली में कई ट्रेनें रद्द की गई है। वहीं कुछ मेट्रो स्टेशन भी बंद है। हांलाकि आज कई रेल सेवाएं बहाल की गई है।
2 हजार करोड़ का नुकसान
जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के कारण दिल्ली के बाजारों का हाल बेहाल है। त्योहार के सीजन की शुरूआत में बडा नुकसान बताया जा रहा है। सीटीआई ने इसे लेकर प्रदर्शन करने वाली पार्टियों को पत्र लिख बडी डिमांड की है।
व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने कहा है कि सिर्फ 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए धरने-प्रदर्शन के कारण व्यापारियों का अनुमानित करीब 2000 करोड़ रुपये का व्यापार ठप हो गया।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 11 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें

