इंदौर। साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विजय नगर पुलिस और छत्तीसगढ़ साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 6.80 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो शातिर अंतरराज्यीय जालसाजों को इंदौर से धर दबोचा। पकड़े गए दोनों आरोपी सीहोर जिले के रहने वाले हैं, जो इंदौर में ठिकाना बनाकर साइबर ठगी का नेटवर्क विजय नगर थाना पुलिस और चला रहे थे। पुलिस के अनुसार, मामला छत्तीसगढ़ के जिला महासमुंद से जुड़ा हुआ है। गत 12 मार्च को साइबर पुलिस थाना महासमुंद में 6.80 लाख रुपये की धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया था। वारदात की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ साइबर पुलिस ने इंदौर पुलिस से संपर्क साधा और आरोपियों की पतारसी के लिए मदद मांगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में
महासमुंद साइबर पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने जब मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और संदेहास्पद बैंक खातों का गहन तकनीकी विश्लेषण किया, तो आरोपियों की लोकेशन इंदौर के विजय नगर थाना क्षेत्र में ट्रेस हुई। सूचना पुख्ता होते ही संयुक्त टीम ने बताए गए ठिकाने पर दबिश देकर घेराबंदी की और दो संदेहियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ऋषि राठौर और जितेंद्र शर्मा दोनों निवासी सीहोर के रूप में हुई है। कड़ाई से की गई शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने महासमुंद में अंजाम दी गई 6.80 लाख रुपये की ऑनलाइन साइबर ठगी की वारदात को कबूल कर लिया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी अन्य राज्यों के लोगों को भी ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बना चुके हैं। इंदौर पुलिस ने नियमानुसार कागजी कार्रवाई पूरी कर दोनों आरोपियों को आगे की वैधानिक कार्रवाई और रिमांड के लिए छत्तीसगढ़ साइबर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 23 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



