जम्मू-कश्मीर लिब्रेशन प्रंट के आतंकी यासीन मलिक ने पाकिस्तान में रह रही अपनी पत्नी मुशाल मलिक से अलग होने का फैसला किया है। दिल्ली में तिहाड़ जेल में सजा काट रहे यासीन मलिक ने श्रीनगर की टाड़ा/पोटा कोर्ट में 25 पेज का एक हलफनामा दायर किया है। इस हलफनामे में यासीन मलिक ने लिखा है, ‘मैं नहीं चाहता कि मुशाल अपनी बाकी जिंदगी इन हालात के बोझ तले या एक विधवा की तरह बिताए; मैं चाहता हूं कि वह सम्मान और उम्मीद के साथ अपनी जिंदगी का एक नया चैप्टर शुरू करे।' मौत की सजा से डरे यासीन मलिक ने अपने हल़फनामे में पत्नी को कहा है, ‘तुम मुझसे 20 साल छोटी हो। आपसे ग़ुजारिश है कि हिम्मत जुटाकर सम्मान और उम्मीद के साथ अपनी जिंदगी का नया चैप्टर शुरू करें। फांसी पर चढ़ने से पहले, मैंने आपको निकाह के बंधन से आजाद करने का फैसला किया है।' यासीन मलिक तिहाड़ जेल में मुख्य रूप से आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। उसके खिलाफ कई पुराने मामले भी लंबित हैं या नए आरोप लगे हैं। इनमें 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट की हत्या, 1990 के एयरफोर्स जवानों की हत्या जैसे मामले शामिल हैं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 3 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



