शहर के अलग-अलग थाना इलाकों में गृहकलह और मानसिक तनाव के चलते तीन लोगों द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले सामने आए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया है और जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला लसूड़िया थाना क्षेत्र का है, जहां बापू गांधी नगर निवासी 50 वर्षीय माखनलाल पिता बलदेव ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पेशे से पेंटर माखनलाल दो बच्चों का पिता था और अत्यधिक शराब पीने का आदी था। पुलिस के मुताबिक, घटना से पूर्व उसका अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया।
बेटी को दूध पिलाने के लिए कमरे में गई और फंदे पर झूलकर
दे दी जान- दूसरा मामला बाणगंगा थानांतर्गत बाबू पराग भट्टा इलाके का है। यहां 29 वर्षीय हेमलता उर्फ अनामिका पति आकाश ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगा ली। परिजनों ने बताया कि दो बच्चों एक बेटा और 14 माह की बेटी की मां अनामिका घटना से ठीक पहले परिवारजनों के साथ बैठकर सामान्य बातचीत और हंसी-मजाक कर रही थी चाय पीने के बाद वह बच्ची को दूध पिलाने का बोलकर कमरे में गई और फंदे से लटक गई। परिजन तुरंत उसे उतारकर एमवाय अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
युवक ने मौत को गले
लगाया- तीसरी घटना परदेशीपुरा थाना क्षेत्र की है, जहां कुलकर्णी का भट्टा निवासी 29 वर्षीय कार्तिक पिता बबलू ने अपने घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। ? तीनों मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर परिजनों के बयान लेना शुरू कर दिया है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 9 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



