शहर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच इंदौर की टीम को बड़ी सफलता मिली है। पूर्व में दर्ज 121 ग्राम एम.डी. ड्रग्स जब्ती के मामले में पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य नेटवर्क से जुड़े एक और सहआरोपी को धरदबोचा है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से हुई कड़ाई से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने इस आरोपी को धारा 8/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत राउंडअप किया है।
उल्लेखनीय है कि क्राइम ब्रांच की टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर टिगरिया बादशाह रोड, टीसीएस चौराहे के पास घेराबंदी करके मंदसौर के नाहरगढ़ निवासी शैलेंद्र चौहान को 121 ग्राम अवैध एम.डी. ड्रग्स के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख बताई गई थी। इस मामले की गहराई से विवेचना करते हुए पुलिस ने बैकवर्ड सप्लाई चेन का सुराग निकाला और पूर्व में दूसरे सह-आरोपी चेतन राठौर निवासी नाहरगढ़, मंदसौर को सलाखों के पीछे भेजा था। ताजा पूछताछ और मोबाइल कॉल डिटेल सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि एम.डी. ड्रग्स की इस खेप को इंदौर तक पहुंचाने में मंदसौर के शामगढ़ निवासी राहुल राठौड़ की भी सक्रिय भूमिका थी। आरोपी 10वीं तक पढ़ा-लिखा है और खेती-किसानी की आड़ में नशा तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी राहुल राठौड़ के खिलाफ थाना शामगढ़ में मारपीट और जुआ एक्ट के तहत पूर्व से भी आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच की टीम अब आरोपी को रिमांड पर लेकर ड्रग्स के मुख्य सोर्स, मूल सप्लायर और पूरे नेटवर्क के फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज को खंगालने में जुटी हुई है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 25 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



