मध्यप्रदेश में पेपर लीक, भर्ती घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर युवाओं ने आक्रोश जताया। हाल ही में इंदौर में पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (एनईवाययू) से जुड़े छह छात्र नेताओं राधे जाट, विजय चौधरी, सुरेंद्र यादव, चंद्रशेखर गुर्जर, गौरव परिहार और रमन गोस्वामी की गिरफ्तारी और रिहाई के बाद प्रदेश सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में यूनियन के रंजीत किसानवंशी, हेमराज गुर्जर, सचिन यादव, आनंद राठवा और निहारिका त्रिपाठी ने कहा कि जहां केंद्र सरकार छात्र आंदोलनों के दौरान संवाद का रास्ता चुन रही है, वहीं मध्यप्रदेश सरकार पुलिस के बल पर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के पटवारी भर्ती घोटाले की जांच के लिए गठित राजेंद्र वर्मा समिति की रिपोर्ट को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। रिपोर्ट के बिना ही नियुक्तियां दिए जाने पर सरकार द्वारा दोषियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए, एमपीपीएससी और एमपीईएसबी की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। व्यापम से लेकर आईटीआई-टीओ में एक लंबी सूची है, जिसमें व्यापम, चिकित्सा भर्ती, कृषि भर्ती, टीईटी बर्ती, नर्सिंग भर्ती, वनरक्षक, पटवारी भर्ती घोटाले शामिल हैं। इन परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही धांधलियों से अभ्यर्थियों में भारी असंतोष है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 28 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



