मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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राजबाडा पर सुबह कुछ बसें आई उसके बाद पुलिस ने लगाई रोक

पुलिस ने की यशवंत रोड, कृष्णपुरा छत्री पर बेरिकेटिंग बसों की एंट्री बंद करने का विचार, दोपहर में हो सकती है बैठक

राजबाडा पर सुबह कुछ बसें आई उसके बाद पुलिस ने लगाई रोक

राजवाड़ा पर कल हुई बस दुर्घटना के बाद अब राजवाड़ा पर बसों की एंट्री बंद करने का विचार किया जा रहा है। इस विचार के तहत आज सुबह राजवाड़ा पर बसों को रोक दिया गया। पहले कुछ बसें यहां आई और उसके बाद पुलिस ने बेरिकेटिंग कर राजबाडा पर बसों को आने से रोक दिया। राजवाड़ा पर कल हुई बस दुर्घटना के बाद बस कंपनी के द्वारा अपनी व्यवस्था में सुधार लाने के बजाय नागरिकों से सुविधा छीनने की कोशिश शुरू कर दी गई है। आज सुबह राजवाड़ा पर उस समय हलचल हो गई जब सिटी बस राजवाड़ा पर नहीं आई। इसके बाद लोगों ने मालूम किया तो मालूम पड़ा की कृष्णपुरा पुल के पास से बस का संचालन किया जा रहा है। इस स्थिति का मौके पर मौजूद लोगों के द्वारा विरोध किया गया। इन लोगों का कहना था कि राजवाड़ा से बस में आसानी से बैठकर सफर कर पाते हैं। इन नागरिकों को अब कृष्णपुरा तक पैदल चलकर जाना पड़ेगा। आज सुबह राजबाडा पर कुछ बसों का मुवमेंट नजर आया उसके बाद पुलिस ने फिलहाल तो बेरिकेटिंग की है। बीती रात ट्राफिक डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने राजबाडा और आसपास के क्षेत्र का दौरा भी किया था। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आज दोपहर में बैठक होगी जिसके बाद राजबाडा पर कैसे सिटी बस का संचालन होगा, राजबाडा पर संचालन होगा या नहीं होगा या फिर चुनिंदा बसों को राजबाडा पहुंचने की अनुमति मिलेगी इन सभी बातों को लेकर विचार किया जाएगा।

राजबाडा पर सुबह कुछ बसें आई उसके बाद पुलिस ने लगाई रोक

इस बारे में सिटी बस कंपनी के कार्यकारी संचालक अर्थ जैन ने कहा कि अभी हमने ना तो बस बंद की और ना ही चालू रखने का फैसला लिया है। हमने पूरा फैसला क्षेत्र के सुपरवाइजर पर छोड़ दिया है। राजवाड़ा पर सुपरवाइजर की संख्या को बढ़ा दिया गया है। इन सुपरवाइजर से कहा गया है कि जब राजवाड़ा पर लोगों की भीड़ ज्यादा हो जाए तो बस के संचालक को राजवाड़ा से बंद कर दिया जाए। जब भीड़ कम हो तो बस का संचालन राजवाड़ा से चालू रखा जाए।

मनमानी की स्थिति-

सिटी बस कंपनी के द्वारा लिया गया यह फैसला कि जब भीड़ राजवाड़ा पर हो जाए तो बस बंद कर दी जाए निश्चित तौर पर इंदौर के नागरिकों के लिए मुश्किल पैदा करने वाला है। खास तौर पर वे लोग जो की सिटी बस के माध्यम से सफर करते हुए अपने मुकाम तक जाते हैं उन्हें इस स्थिति के कारण बहुत समस्या का सामना करना पड़ेगा। हकीकत तो यह है कि सिटी बस कंपनी के अधिकारी अभी हालात को समझने और नियंत्रित करने की स्थिति में ही नहीं आ पाए हैं। बस कंपनी को अपनी व्यवस्था को बेहतर बनाना चाहिए लेकिन वह लोगों पर चाबुक चलाने में लगी है।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 28 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें