सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
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संपादकीय सरकारी कागजों में सुरक्षित, हकीकत में ‘डेथ ट्रैप’: हादसों के बाद ही जागता है सिस्टम प

की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार तड़के एक होटल में आग लगने…

की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार तड़के एक होटल में आग लगने से नौ लोगों की मौत की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश में सार्वजनिक उपस्थिति वाली इमारतों में आग लगने की घटनाओं से हर साल कई बेकसूर लोगों की जान चली जाती है। सरकार और प्रशासन की ओर से हर हादसे के बाद सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू करने की बात कही जाती है। तात्कालिक स्तर पर संबंधित महकमे की ओर से इस मसले पर गंभीरता और सक्रियता तो दिखाई जाती है, मगर बाद में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। यही वजह है कि आग से जुड़े हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार तड़के एक होटल में आग लगने से नौ लोगों की मौत की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समस्या नियम-कानूनों में सख्त प्रावधानों के अभाव की नहीं, बल्कि उन्हें सख्ती से लागू न करने की है। सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा को लेकर अक्सर लापरवाही बरती जाती है, जो कभी भी हादसे की शक्ल ले लेती है। इसके पीछे संबंधित महकमे के कर्मियों और भवन निर्माताओं एवं मालिकों की सांठगांठ से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यह छिपा नहीं है कि राष्ट्रीय भवन निर्माण नियम के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद कई व्यावसायिक और रिहाइशी इमारतों में आपातकालीन निकासी एवं हवा के प्रवेश के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती है। कई इमारतें अग्निशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र के बिना ही व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सौंप दी जाती हैं। यही नहीं, सुरक्षा उपायों की निगरानी को सतत प्रक्रिया के बजाय केवल एक बार की कागजी औपचारिकता मान लिया जाता है, जिस कारण अग्निशमन उपकरणों की देखरेख की भी जरूरत नहीं समझी जाती। इसके अलावा, शहरी नियोजन में खामियां और ढांचागत समस्याएं भी एक बड़ा कारण हैं। पुलिस और संबंधित विभाग का हाल यह है कि आग की घटना के बाद ही अधिकारी हरकत में आते हैं। तारापीठ हादसे में भी यही हुआ, पुलिस ने होटल में उचित अग्निशमन व्यवस्था न होने के आरोप में उसके मालिक समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। जाहिर है कि जब तक व्यवस्थागत खामियों को चुस्त-दुरुस्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक आग के हादसों पर अंकुश नहीं लग पाएगा।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 19 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें