सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
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औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो

खतरनाक श्रेणी के कारखानों की नियमित जांच और सेफ्टी ऑडिट के दिए निर्देश

कलेक्टर शिवम वर्मा ने जिला जोनल सेफ्टी काउंसिल की बैठक में जिले में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं, औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षा मानकों के पालन, आपातकालीन तैयारियों तथा अति खतरनाक एवं खतरनाक श्रेणी के कारखानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिला जोनल सेफ्टी काउंसिल का प्रमुख उद्देश्य जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कारखानों के सुरक्षा परिदृश्य की नियमित समीक्षा, औद्योगिक दुर्घटनाओं का विश्लेषण, सुरक्षा ऑडिट की स्थिति का आकलन, कमियों की पहचान तथा दुर्घटना निवारण एवं आपातकालीन तैयारियों को सुनिश्चित करना है। औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से अति खतरनाक एवं खतरनाक श्रेणी के कारखानों की नियमित जांच करने तथा सुरक्षा संबंधी सभी निर्धारित प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कारखानों में संभावित दुर्घटनाओं के जोखिमों की पहले से पहचान कर उनके प्रभावी निराकरण की कार्ययोजना तैयार रखी जाए। आग, विस्फोट, जहरीली गैस के रिसाव सहित अन्य औद्योगिक आपदाओं से निपटने के लिए संबंधित विभागों एवं औद्योगिक इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय रहे। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित की जाए। कारखानों में कार्यरत श्रमिकों और संबंधित अमले को आपात स्थिति में की जाने वाली कार्रवाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि 1253 पंजीकृत कारखाने हैं। इनमें 19 अति खतरनाक, 263 खतरनाक तथा 971 साधारण श्रेणी के कारखाने शामिल हैं। खतरनाक श्रेणी में मुख्य रूप से कोल्ड स्टोरेज, आइस फैक्ट्री, मिल्क चिलिंग एवं मिल्क प्रोडक्ट इकाइयां, फार्मा, पेंट, पेस्टीसाइड, रोलिंग मिल तथा सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन कारखाने शामिल हैं। पेट्रोलियम डिपो, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित अन्य इकाइयों में अग्नि, विस्फोट तथा गैस रिसाव जैसे संभावित खतरों के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने फायर वर्क्स से संबंधित इकाइयों में सुरक्षा प्रबंधों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 6 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें