इंदौर। शहर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में क्राइम ब्रांच इंदौर को बड़ी सफलता मिली है। चाणक्यपुरी चौराहे के पास से चार किलो से अधिक गांजे के साथ पकड़े गए तस्कर की बैकवर्ड लिंकेज और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मुख्य गांजा सप्लायरों को बड़वानी जिले से धर दबोचा है। पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 का इजाफा करते हुए दोनों सप्लायरों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।
डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, गत 2 अक्टूबर को क्राइम ब्रांच की टीम ने महर्षि गौतम उद्यान के पास, चाणक्यपुरी चौराहा सर्विस रोड पर चेकिंग के दौरान आरोपी सागर गौड़ निवासी बाणगंगा को रंगे हाथों पकड़ा था। आरोपी के पास से 4.064 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपये है। इस पर थाना क्राइम ब्रांच में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की महेश जिला गई थी। आरोपी सागर गौड़ से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में सामने आया कि उसे यह गांजा बड़वानी जिले के तस्करों ने सप्लाई किया था। क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और बड़वानी में घेराबंदी कर दो सह- आरोपियों मोहन शर्मा निवासी सेंधवा, जिला बड़वानी और सोलंकी निवासी निवाली, बड़वानी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी मोहन शर्मा साबुन बेचने का काम करता है और उसके खिलाफ पूर्व में सेंधवा शहर व ग्रामीण थानों में मारपीट और एनडीपीएस एक्ट के केस दर्ज हैं। वहीं, आरोपी महेश सोलंकी खेती-किसानी करता है और उस पर भी निवाली थाने में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है। दोनों शातिर अपराधी पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल रहे हैं। क्राइम ब्रांच अब इस पूरे नेटवर्क के मुख्य स्रोत और फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज को खंगालने में जुटी है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 5 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 12 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



