इंदौर। शहर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और उनके नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में जुटी इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम ने 12 ग्राम ब्राउन शुगर जब्ती मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपी से रिमांड के दौरान हुई कड़ाई से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने तस्करी के बैकवर्ड लिंकेज को टटोलते हुए झाबुआ में दबिश दी। पुलिस ने मामले में मुख्य सप्लायर को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण में धारा 8/29 एनडीपीएस एक्ट का इजाफा करते हुए पुलिस आरोपी को इंदौर ले आई है, जहां उसके पूरे ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
गौरतलब है कि बीती 27 सितंबर को क्राइम ब्रांच की टीम ने गश्त व चेकिंग के दौरान सुपर कॉरिडोर पर टीसीएस कंपनी के पीछे, गेट नंबर 3 के पास से काले रंग की हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर सवार अजय सूर्यवंशी निवासी राजेंद्र नगर को पकड़ा था। आरोपी के पास से 12 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर और बाइक जब्त की गई थी, जिसकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई थी। इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी अजय को रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान जब क्राइम ब्रांच ने नशे की इस खेप के स्रोत और बैकवर्ड लिंकेज को लेकर आरोपी अजय सूर्यवंशी से गहन पूछताछ की, तो उसने खुलासा किया कि वह यह ब्राउन शुगर झाबुआ निवासी शनिद शेख से खरीदकर लाया था। सूचना की पुष्टि और कॉल डिटेल व तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत झाबुआ के मारुति नगर में दबिश देकर इलेक्ट्रीशियन का काम करने वाले सह-आरोपी शनिद शेख को धर दबोचा। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी शनिद शेख से यह पता लगा रही है कि वह यह नशा कहां से लाता था और इस अंतरप्रांतीय नेटवर्क में कौन-कौन से मुख्य सरगना शामिल हैं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



