मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आवास पर विरोध प्रकट करने वाले पाण्डे दम्पति की जमानत कल मंजूर हुई थी। शांति भंग करने के मामले में गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजा गया था। दोनों पर अलग-अलग जमानती राशि का मामला भी था। अब आज आदेश के बाद जेल से छूटेंगे क्योंकि रिलिज वारंट कल रात देरी से जेल पहुंचा था। इस पर आम आदमी पार्टी ने भी कहा कि मंत्री मानवीय आधार पर पुलिस कमिश्नर को पत्र जारी कर सफाई दे रहे हैं जो अर्थहीन होकर पुलिस का तानाशाही पर पर्दा डालने का काम है। इस मामले में आप के कमल गुप्ता का कहना है कि जनप्रतिनिधि के घर जनता का जाना, धरना देना, कौन-सा अपराध है यह सबकुछ समझ से परे है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 26 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



