खाते व ई-सिम को किराए पर (म्यूल अकाउंट) उपलब्ध कराकर देश के दर्जनों राज्यों में मल्टी-स्टेट साइबर क्राइम और अवैध वित्तीय लेनदेन को अंजाम दे रहा था।
डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्रालय की केंद्रीय एजेंसी आई4सी से प्राप्त इनपुट के आधार पर डीसीबी बैंक की न्यू पलासिया शाखा के एक बैंक खाते की जांच की गई थी। पड़ताल में सामने आया कि इस एकल बैंक खाते के खिलाफ पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम, दिल्ली, राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में साइबर अपराध की दर्जनों शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज हैं।
आरोपी लक्की निवासी थाना तिलक नगर को हिरासत में लिया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी लक्की ने योजनाबद्ध तरीके से डीसीबी बैंक का अपना खाता और उससे लिंक मोबाइल नंबर की ई-सिम साइबर ठगों के बिहार, गोवा, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट को उपलब्ध कराई थी। खाते में ट्रांसफर होने वाली अवैध राशि के बदले उसे कमीशन मिलता था। क्राइम ब्रांच इंदौर ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मौके से डीसीबी बैंक का म्यूल खाता और प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक सिम जब्त की गई है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर साइबर प्रॉड के इस बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों और मुख्य सरगनाओं के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 5 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



