इंदौर। कनाड़िया थाना क्षेत्र के ग्राम बढ़ियाकीमा में प्रस्ती हिल्स नाम की अविकसित कॉलोनी के एक भूखंड को लेकर लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। पार्थ क्रेडिट एंड कैपिटल्स मार्केट प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों ने शातिराना अंदाज में कूट रचित दस्तावेज तैयार कर एक ही प्लॉट को दोबारा बेच डाला और खरीदार से 64 लाख 10 हजार रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित को झांसे में रखने के लिए आरोपियों ने न केवल सर्वसुविधायुक्त विकास के झूठे दावे किए, बल्कि फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी थमा दिया।
कनाड़िया पुलिस ने मामले की विस्तृत छानबीन के बाद आरोपी डायरेक्टरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
पुलिस के अनुसार, ठगी के शिकार हुए मुंबई राजेश्वरी एवेन्यू निवासी महावीर वर्मा पिता रामस्वरूप वर्मा ने इस पूरे मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि बिचौली हप्सी तहसील के ग्राम बढ़ियाकीमा में प्रस्ती हिल्स कॉलोनी के भूखंड क्रमांक 34 का सौदा पार्थ क्रेडिट कंपनी के डायरेक्टर न्यू पलासिया निवासी संजीव लुंकड़, स्नेहा लुंकड़ और उनके सहयोगियों ने मिलकर तय किया था। फरियादी को यह भनक तक नहीं लगने दी गई कि जिस जमीन का सौदा वे कर रहे हैं, वह पहले से ही किसी अन्य व्यक्ति को बेची जा चुकी है। सौदे के दौरान आरोपियों ने जमीन के फर्जी और कूटरचित कागज तैयार कर खरीदार के सामने पेश किए। पूरी रकम हासिल करने के बाद जब फरियादी ने भौतिक कब्जे और विकास कार्यों की सुध ली, तो मौके पर इंदौर। कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित आलोक नगर में रहने वाली एक महिला के मोबाइल में झांसा देकर संदिग्ध एप्लिकेशन डाउनलोड करवा ली गई। ऐप इंस्टॉल होते ही पीड़िता का मोबाइल फोन हैक हो गया और साइबर जालसाज ने उनके बैंक ऑफ इंडिया के खाते से सेंध लगाकर 99 हजार 996 पर हाथ साफ कर दिया। साइबर क्राइम हेल्पलाइन की मदद से ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद कनाड़िया पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। कनाड़िया थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आलोक नगर स्थित फ्लैट में रहने वाली प्रज्ञा पवार ने थाने पहुँचकर इस साइबर प्रॉड की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें अपनी बातों में उलझाया और झांसा देकर उनके मोबाइल में
इंस्टॉल करवा दी। जैसे ही यह ऐप मोबाइल में डाउनलोड हुआ, आरोपी ने दूर बैठे ही उनके फोन का पूरा एक्सेस हासिल कर हैक कर लिया। इसके बाद शातिर जालसाज ने उनके बैंक ऑफ इंडिया के खाते से यूपीआई के जरिए अलग-अलग ट्रांजेक्शन करते हुए पूरी रकम उड़ा ली। खाते से अचानक पैसे कटने के मैसेज मिलते ही पीड़िता सन्न रह गईं। उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत बैंक ऑफ इंडिया के टोल-प्री नंबर पर कॉल कर अपना खाता ब्लॉक कराया और राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन पोर्टल 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। पोर्टल के जरिए ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला कनाड़िया थाने स्थानांतरित हुआ।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 8 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



