पर बेचता था। पूर्व में वह यह काम अपने भाई के साथ मिलकर करता था, लेकिन भाई के जेल जाने के बाद से अकेले ही नेटवर्क चला रहा था। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी आर्म्स एक्ट, आबकारी और एनडीपीएस एक्ट के चार अपराध दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपी से रिमांड के दौरान ड्रग्स के मुख्य सप्लायर और पूरे नेटवर्क के संबंध में कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 3 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 12 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



