मध्यप्रदेश की पहली आदर्श गोशाला बताकर छिंदवाड़ा की गोशाला को मॉडल के रूप में पेश किया गया था, लेकिन यह गोशाला अब गायों की कब्रगाह बन गई है। यहां पिछले 16 दिनों में 43 गायों की मौत हो गई। जबकि एक महीने में 90 से ज्यादा गायों की मौत हुई है। यहां न चारा है, न पानी है, डॉक्टर भी बीमार गायों का इलाज करने नहीं आते।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 27 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



