आशीष गुप्ता)। सनावद रोड की सडके.अब आम-जन के लिए मुसीबत का सफर बन गई है। पिछले कई महीनो से. जर्जर सडको . पर आए दिन जान जोखिम मे डाल कर सफर करने को मजबूर है। ऐंबुलेंस सेवाओ मे मरिजो को जिला अस्पताल आने-जाने मे परेशानी हो रही है। जब कहा जाता है एक-एक सेकंड कीमती है मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल जाने के लिए ' पर यहा सडको की वजह से बहुत ही ज्यादा परेशानी उठानी पड रही है। आम-जन का कहना है विकास का ढिंढोरा पिटने वाले विकास नही कर सकते . तो कम-से-कम सनावद रोड पर बड़े-बडे गहरे क्षतिग्रस्त गड्डो पर . व्यवस्थित रूप से भराव कर के ही. आम-जन के लिए सुरक्षित सफर बना सकते है। इस मार्ग पर से होकर आना-जान मानो जैसे मौत के मुह से होकर आना-जान पड रहा है। जब की सनावद रोड पर कई शोरूम. एवं दस से पन्द्रह हास्पिटल है। समय पर इस ओर ध्यान नही दिया गया तो यह सडक सफर किसी दिन मौत का सफर बन सकता है।



फिर किसकी होगी जिम्मेदारी. कौन होगा जिम्मेदार?
सूत्र
का कहना है जहा त्यौंहार के दिन दोपहर से मां कुंदा नदी तट लिंक रोड पर रोड के दोनो ओर बेरिगेट्स लगाकर यातायात बंद करने से आम-जन परेशान होते रहे रात्री को खोल दिया गया। कई घंटो तक यातायात बाधित होता रहा।
खराब क्षतिग्रस्त उबड-खाबड लिए परेशानी होती रही बीच सडक सफर करना दिनो दिन जर्जर सडके. है वहां ध्यान नही सडको पर बेरिगेट्स लगाए परेशानी का सबब बन रहा है। दिया जा रहा है ' वही कुंदा नदी तट पर लिंक रोड त्यौंहारो पर बंद कर दिया गया। यातायात पूरी तरह बंद कर दिया जिस कारण लोगो के मंदिर आने-जाने मे एवं अन्य कामो मे इस मार्ग से जाने के लिंक रोड दोपहर से रात तक बंद रहने से टू- व्हीलर वाहन चालक एवं पैदल राहगिरों को परेशानी का सबब बनते रहा।
समाचार पत्र के माध्यम से नगर पालिका सी एम ओ कमला कोल को स्थिति को लेकर अवगत कराने के लिए फोन लगाया गया था। पर संपर्क नही हो सका. बाद मे बिजी- बिजी आ रहा था। गए। लोगो के लिए मुसीबत – परेशानी ' लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है। रोड किस लिए दोपहर से बंद कर दी गई थी। रात्री को सडक खोल दी गई… इसका कारण नही पता पर ' आम-जन को
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 20 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



