धार। शहर में आगामी 15 सितंबर को प्रस्तावित वराह मार्च वाहन रैली के आयोजन को लेकर प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिला प्रशासन ने कानून- व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए सनातन प्रहरी संस्था के वराह मार्च वाहन रैली और मुस्लिम समाज की ओर से प्रस्तावित वाहन रैली, दोनों की ही अनुमति को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है।
शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए शहर के विभिन्न इलाकों से वराह मार्च से जुड़े बैनर और पोस्टर हटा दिए गए हैं। अनुमति रद्द होने के बाद शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन का भारी अमला धार शहर की सड़कों पर उतरा। आगामी रैली के प्रचार-प्रसार के लिए शहर भर में लगाए गए सभी बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स को नगर पालिका और पुलिस बल की मदद से तत्काल हटा दिया गया, धार के एसडीएम राजकुमार हलदर ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में शहर में धारा 163 प्रभावी है, इसके तहत किसी भी प्रकार का जुलूस, रैली या सार्वजनिक सभा आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबंध है, यदि कोई भी पक्ष बिना प्रशासनिक स्वीकृति के आयोजन करने या भीड़ जुटाने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वही प्रशासन ने आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे इस प्रतिबंधित मार्च में शामिल न हों और शहर में शांति व सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। गौरतलब है कि सनातन प्रहरी द्वारा भगवान वराह जयंती के अवसर पर पीजी कॉलेज से विजय मंदिर तक इस वाहन मार्च की तैयारी की जा रही है, वही बैनर, पोस्टर हटाने के बाद संस्था से जुड़े पदाधिकारियों ने सोशल मिडिया में एक पोस्ट के माध्यम से लाठी गोली खाएंगे, वराह मार्च में जाएंगे,किसी भी परिस्थिति में हमारा संकल्प अटल है, वराह मार्च में जरूर जाएंगे जैसे स्लोगन के पोस्टर पोस्ट किए है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 12 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



