कोई काम नहीं मिला। जब भी पीड़ित ने आपत्ति जताई। आरोपी फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिखाकर गुमराह करते रहे। लंबे समय तक न तो प्लॉट का वास्तविक कब्जा मिला और न ही रकम वापस हुई, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस की शरण ली। कनाड़िया थाना पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद आरोपी संजीव लुंकड़, स्नेहा लुंकड़ और उनके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 8 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



