अवैध ऑनलाइन क्रिकेट और कैसीनो सट्टेबाजी का जाल फैलाने वाले नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर क्राइम ब्रांच को एक और सफलता मिली है। पूर्व में उषानगर स्थित एक फ्लैट पर मारे गए छापे के बाद से लगातार फरार चल रहे मुख्य आरोपी अभिषेक अग्रवाल को क्राइम ब्रांच टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी ग्वालियर का रहने वाला है और ऑनलाइन सट्टे की आईडी उपलब्ध कराकर ग्राहकों से पैसे ऐंठने के सिंडिकेट में शामिल था। आरोपी के कब्जे से 1 लैपटॉप और 3 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनमें ऑनलाइन सट्टे की आईडी और 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन का हिसाब था। तब मौके से 39 एंड्रॉइड मिला है।
गौरतलब है कि गत 6 मई की रात क्राइम ब्रांच टीम ने उषानगर मेन स्थित 'साईं नयन अपार्टमेंट' फ्लैट नंबर 102 पर अचानक दबिश दी थी। उस दौरान मौके से लैपटॉप और मोबाइल फोन के जरिए अलग-अलग वेबसाइट्स पर ग्राहकों से रकम जमा करवाकर डिजिटल पॉइंट्स के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे मोबाइल, 3 एचपी लैपटॉप, 1.40 लाख रुपये नगदी, चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और सट्टे का हिसाब- किताब दर्ज रजिस्टर सहित करीब 7.70 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया था। उसी छापेमारी के दौरान ग्वालियर निवासी आरोपी अभिषेक अग्रवाल पिता रामकिशोर अग्रवाल का नाम सामने आया था जो पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गया था। क्राइम ब्रांच टीम तभी से उसकी तलाश में जुटी हुई थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम ने दबिश देकर फरार आरोपी अभिषेक अग्रवाल को धरदबोचा। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और आरोपी से सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े सरगनाओं के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 12 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



