लसूड़िया थाना क्षेत्र में पुरानी चार पहिया वाहन की खरीद-बिक्री के दौरान धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और रंगदारी वसूलने का मामला सामने आया है। कार का सौदा तय होने के बाद बकाया रकम चुकाने के बजाय आरोपी ने उल्टे गाड़ी मालिक को ही धमकाना शुरू कर दिया। आरोपी ने गाड़ी न चलाने देने और जान से मारने की धमकी देकर पीड़ित से जबरन अतिरिक्त रुपयों की वसूली भी कर ली। आरोपी के लगातार मानसिक उत्पीड़न और धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली। फरियादी की लिखित शिकायत पर लसूडिया थाना पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, महेशबाग कॉलोनी निवासी राहुलसिंह पिता कृष्णपाल सिंह तोमर ने लसूडिया थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी राहुल ने बताया कि उसने अपने मामा सुरेंद्र सिंह सेंगर के नाम पर दर्ज कार क्रमांक एमपी-30 सी-5983 जून 2025 में खरीदी थी। इसके बाद उसने 01 नवंबर 2025 को यह कार मारुति नगर निवासी हिंदूवादी नेता मानसिंह राजावत को 7,91,000 रुपये में बेची थी। सौदे के वक्त आरोपी मानसिंह ने 7 लाख रुपये नगद दे दिए थे और शेष 91,000 रुपये एक महीने के भीतर चुकाने का लिखित वादा किया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया। जब फरियादी राहुल ने बार-बार अपने बकाया 91 हजार रुपये मांगे, तो आरोपी मानसिंह राजावत अपनी बात से मुकर गया और गालियां देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देने लगा। इतना ही नहीं, आरोपी ने उल्टा रंगदारी दिखाते हुए पीड़ित से 91 हजार रुपये की मांग शुरू कर दी और धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए तो वह उसे इंदौर में गाड़ी नहीं चलाने देगा। आरोपी के डर और धमकियों के दबाव में आकर फरियादी ने उसे 40,000 रुपये और दे दिए। इसके बावजूद आरोपी का पेट नहीं भरा और वह लगातार दबाव बनाकर और अधिक पैसों की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगा। लसुड़िया थाना पुलिस ने फरियादी राहुल तोमर की शिकायत पर आरोपी मानसिंह राजावत के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। गौरतलब है कि मानसिंह राजावत को गत दिनों हुए चंदर लोहार हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया है और वह जेल में बंद है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



