शहर में अवैध मादक पदार्थों की खरीद- फरोख्त और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हीरानगर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बीमा अस्पताल के पास खाली मैदान से एक शातिर बदमाश को घेराबंदी कर दबोचा और उसके कब्जे से 10.28ग्राम अवैध मादक पदार्थ ब्राउन शुगर जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 30 हजार रुपये बताई जा रही है। पकड़ा गया आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे 9 से अधिक गंभीर मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
हीरानगर पुलिस के अनुसार, गश्त और संदिग्ध चेकिंग के दौरान पुलिस टीम बीमा अस्पताल के पास पहुंची। वहां खाली मैदान में एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ा दिखाई दिया। पुलिस वाहन को देखते ही आरोपी भागने लगा, जिस पर पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। आरोपी की तलाशी लेने पर उसकी पैंट की पिछली जेब से पारदर्शी पॉलीथिन में भरा भूरे मटमैले रंग का पाउडर बरामद हुआ, जो जांच में ब्राउन जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान अनिकेत उर्फ छोटू पिता प्रेमराज बरबेले निवासी कैलाश का भट्टा, अंजनी नगर के रूप में हुई। आरोपी अपनी असली पहचान छिपाकर वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि उसके खिलाफ हीरानगर, लसूड़िया, पलासिया, परदेशीपुरा और विजयनगर थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपी से मादक पदार्थ के नेटवर्क और मुख्य सप्लायर के संबंध में कड़ाई से पूछताछ कर रही है। हीरानगर थाना क्षेत्र के लहिया कॉलोनी में एक व्यक्ति द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई। घटना के बाद परिजन आनन- फानन में युवक को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल खुदकुशी के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान गजानंद पिता हरिकरण (35) निवासी लहिया कॉलोनी, हीरानगर के रूप में हुई है। मृतक के दामाद राकेश ने बताया कि गजानंद पेशे से मिस्त्री का काम करते थे। बीते दिन उन्होंने अज्ञात कारणों के चलते अपने ही घर में फांसी का फंदा लगा लिया। परिजनों ने जब उन्हें फंदे पर लटके देखा तो तुरंत नीचे उतारा और गंभीर अवस्था में अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही हीरानगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों के बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 7 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



