पलासिया, तुकोगंज और एमजी रोड थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए किराए के बैंक खातों (म्य के जरिए 7 राज्यों में साइबर ठगी की रकम खपाने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन अलग- अलग प्रकरणों में कुल 5 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल से मिले इनपुट्स के आधार पर शहर के कर्नाटका बैंक, सिटी यूनियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाओं में खुले संदिग्ध खातों की पड़ताल की गई, जिसके बाद यह बड़ा खुलासा हुआ।
पहला मामला एमजी रोड थाना क्षेत्र की कांच मंदिर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से सामने आया है। यहां सांवेर रोड स्थित भवानी नगर निवासी गौरव जाटव का खाता म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। राजस्थान के बीकानेर में हुई ठगी के 50,000 रुपये सीधे गौरव के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसी तरह अन्य केस पलासिया थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने कर्नाटका बैंक के खाताधारक नितेश काले निवासी द्वारकापुरी और उसके साथी सुरेंद्र यादव पर केस दर्ज किया है। नितेश के खाते में अलग-अलग राज्यों की 7 साइबर ठगी शिकायतों की राशि ट्रांसफर हुई थी। पूछताछ में नितेश ने कबूला कि उसके साथी सुरेंद्र ने उसके आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर यह खाता खुलवाया था और वही इसे संचालित कर रहा था। वहीं तुकोगंज पुलिस ने न्यू पलासिया स्थित सिटी यूनियन बैंक के खाते पर की। मेघदूत नगर निवासी सुयश लाठ के खाते में मध्य प्रदेश और कर्नाटक की ठगी के 9,06,958 रुपये जमा हुए थे। सुयश ने अपने साथी नमन बैरागी निवासी बजरंग नगर के साथ मिलकर यह खाता साइबर ठगों को किराए पर दिया था। पुलिस ने सुयश और नमन दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 21 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



