इंदौर। मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और नशीले पदार्थों के काले कारोबार से बनाई गई संपत्तियों के खिलाफ इंदौर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कानूनी सफलता हासिल की है। 516 ग्राम हेरोइन और 48.50 लाख रुपये नगदी जब्ती के एक चर्चित मामले में पुलिस द्वारा फ्रीज की गई राशि को सक्षम प्राधिकारी एAइEश्A/Nअझ्एA मुंबई ने विधिवत कंफर्म कर दिया है। इंदौर पुलिस के इतिहास में सफेमा एक्ट के तहत संपत्ति राजसात कराने की यह अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है। पूरा मामला इंदौर क्राइम ब्रांच थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 138/2025 का है। गत 24 अगस्त 2025 को पुलिस ने द्वारकापुरी निवासी कुख्यात महिला तस्कर सीमा नाथ पति महेश मुंजालदे सहित चार आरोपियोंरवि उर्फ काला, शुभम उर्फ नेपाली और आकाश उर्फ गांधी को गिरफ्तार किया था। दबिश के दौरान आरोपियों के कब्जे से 516 ग्राम उच्च गुणवत्ता की हेरोइन और 48.50 लाख की भारी भरकम नगदी बरामद हुई थी। पुलिस विवेचना में यह तथ्य साफ हुआ था कि जब्त की गई पूरी रकम ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से ही कमाई गई थी। ? नशे के अवैध कारोबार पर आर्थिक चोट पहुंचाते हुए क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68इ(1) के तहत जब्त रकम के लिए फ्रीजिंग ऑर्डर जारी किया था। मामले की सुनवाई के दौरान सफेमा प्राधिकारी ने आरोपी पक्ष को अपना स्पष्टीकरण देने का मौका दिया था, लेकिन 30 सितंबर 2026 को तय सुनवाई में कोई भी दस्तावेज या वैध आय का स्रोत प्रस्तुत नहीं किया जा सका। साक्ष्यों के आधार पर मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी ने धारा 68इ(2) के तहत 6 अक्टूबर 2026 को फ्रीजिंग ऑर्डर की अंतिम पुष्टि कर दी। उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी सीमा नाथ का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तीन मामलों सहित कुल 13 गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस आयुक्त के निर्देशन में क्राइम ब्रांच टीम द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई से नशा तस्करों के आर्थिक तंत्र को करारा झटका लगा है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 8 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



