चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्डलाइन की टीम ने परिजनों को समझाइश देकर नाबालिग बेटी का विवाह उसकी उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद करने के लिए शपथ पत्र लिया था। इसके बावजूद परिजनों ने टीम के लौटते ही नाबालिग का विवाह करा दिया। मामले की शिकायत कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचने के बाद बाल विवाह निरोधी उड़नदस्ता ने जांच कर विवाह के प्रमाण जुटाए और थाना गांधी नगर में नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। अधिकारियों ने बताया कि टीम जब पहुंची थी तो सगाई की बात हुई थी और तय हुआ था कि विवाह बाद में किया जाएगा, लेकिन शाम को विवाह कर दिया गया था, यह मामला 1 सितम्बर को कलेक्टर जनसुनवाई में प्रमाण के साथ पहुंचा था उसी के बाद यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई में अधिकारी रजनीश सिन्हा, महेन्द्र पाठक का योगदान रहा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 11 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 6 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



