उत्तरप्रदेश के वाराणसी में ‘अपना घर’ आश्रम में रहने वाले 55 बुजुर्गों की पिछले एक साल में मौत हुई है। जब ये जिंदा थे, तब इनके अपनों ने इनकी कभी सुध नहीं ली। खैरियत नहीं पूछी। मौत हो गई तो सिर्फ इसलिए शव लेने आए क्योंकि उसके बिना बीमा क्लेम या संपत्ति पर हक नहीं मिल पाएगा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 27 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



