एफआरवी को ग्रामीणों के साथ दी। छोटी उम्र
में जान बचाने के लिए बड़ी बहादुरी दिखाने वाले अजय ने खुद को बचा लिया लेकिन अपनी बहन को बचाने में नाकाम रहा।
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी सुनील अपनी पत्नी अनिता के चरित्र पर शक करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। कल दिन में भी आरोपी का अपनी पत्नी से विवाद हुआ। इसके बाद रात में आरोपी सुनील अपनी पत्नी को घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में ले गया, जहाँ उसने चाकू से वार कर और गला घोंटकर अनिता को मौत के घाट उतार दिया। सुनील मूल रूप से देवास जिले के कांटाफोड का रहने वाला है, हालांकि वह बीते करीब 18 साल से इन्दौर में ही रह रहा है। उसके परिजन लसूडिया क्षेत्र के बापू गांधीनगर में रहते है। पत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी पति वापस घर लौटा और अपने 13 वर्षीय बेटी माही और 10 वर्षीय बेटे अजय से कहा कि 'तुम्हारी माँ बुला रही है।' इसके बाद वह दोनों मासूम बच्चों को लेकर हिंगोनिया तालाब पहुँचा। वहाँ पहुँचते ही निर्दयी पिता ने बेटी माही का गला घोंटकर उसे पानी में फेंक दिया और बेटे अजय को भी तालाब में धकेल दिया।
एसडीआरएफ ने रात 3 बजे निकाला बच्ची का शव
घटना की सूचना मिलते ही कनाड़िया पुलिस बल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। तालाब में डूबी बच्ची की तलाश के लिए एसडीईआरएफ की रेस्क्यू टीम को बुलवाया गया। घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद देर रात 3 बजे रेस्क्यू टीम ने 13 वर्षीय माही के शव को तालाब से बाहर निकाला।
आरोपी पुलिस हिरासत में
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता सुनील को हिरासत में ले लिया है। मृतका अनिता और मासूम माही के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया है। पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी और मामले से जुड़ी अन्य वैधानिक कार्यवाहियों को पूरा करने में जुटी है।
आरोपी भी करने वाला था आत्महत्या
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी भी आत्महत्या करने वाला था लेकिन इसके पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 18 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 12 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



