भाजपा के वरिष्ठ नेता और कवि सत्यनारायण सत्तन कई बार अपनी ही पार्टी के खिलाफ बयान देकर चर्चाओँ में बने रहते है। वहीं सत्तन की बेटी कनुप्रिया कांग्रेस से जुडी है। ऐसे में पिता-पुत्री की राजनीतिक विचारधारा भले ही अलग हो लेकिन रिश्ता भावनात्मक है। इसका एक दृश्य कल गाड़ी अड्डा के समीप एक गरबा पांडाल में नजर आया, जहां पिता से जैसे ही कनुप्रिया का सामना हुआ तो वह झुक गई। बेटी को आशीर्वाद देने के लिए पिता सत्तन ने भी अपना हाथ कनुप्रिया के सिर पर रख दिया। इसके बाद सत्तन ने भी नवरात्रि के पर्व के दौरान मातृशक्ति और देवी स्वरुपा अपनी बेटी के पैर छुए। कुल मिलाकर पिता और पुत्री के बीच बने इस भावनात्मक दृश्य के बीच कनुप्रिया की आंखे नम नजर आई।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 16 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




