शारदीय नवरात्रि के दो दिन पूर्ण हो चुके हैं। इस बार पहला दिन रविवार को आया तो पहले ही दिन माँ बिजासन के दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। बहुत सारे लोग माता के दर्शन करने सुपर कारिडोर वाले रास्ते से भी सीढ़िया चढ़कर ऊपर पहुंचते हैं। इन दिनों मेट्रो का काम विमानतल के थोड़ा आगे से लेकर सुपर कारिडोर के पहले तक चल रहा है और रास्ते का डायवर्सन भी किया हुआ है।
डायवर्सन वाले रास्ते से माँ बिजासन का दूसरा रास्ता नहीं आ रहा है, जो लोग रास्ता ढूंढ लेते हैं वे थोड़ा आगे से पलटकर वन-वे में माँ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, यह तादाद काफी कम श्रद्धालुओं की है। इस दूसरे सीढ़ियों वाले रास्ते पर कई लोग इन 9 दिनों में दुकान लगाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। देखने में आया कि आधे से कम दुकानें यहां पीछे वाले रास्ते पर लगी है और उनमें भी गिनती के दिन भर में 8-10 ग्राहक पहुंचे हैं। पीछे जहां सीमेंट कांक्रीट के सीढ़ियां है वहां बड़ी तादाद में धूल जमा है, जिसे निगम ने साफ भी नहीं करवाया है। इस रोड पर श्रद्धालु नहीं पहुंच पा रहे हैं तो उसका लोड विमानतल के पास मुख्य मार्ग पर बना हुआ है। बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु रविवार के बाद कल कुछ कम तादाद में मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। मेट्रो का काम अपनी गति से चल रहा है, लेकिन नवरात्रि में माता के दूसरे रास्ते में श्रद्धालुओं को लाभ नहीं हो रहा है और नगर निगम ने भी यह मान लिया है कि इधर से श्रद्धालु नहीं पहुंच पाएंगे इसलिए व्यवस्था को भी ठीक से चाकचौबंद नहीं किया गया है, लेकिन जो जानकार है वे वन-वे से ग्रेटर बाबा के सामने से और सुपर कारिडोर के वन-वे से माता के दरबार तक सीढ़ियों से पैदल चलकर पहुंच रहे हैं। इधर कुछ लोगों का कहना है कि इस बड़े नौ माताओं वाले शक्तिपीठ बिजासन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान नगर निगम और पुलिस को रखना चाहिए। कल भी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की तीन कारें ऊपर तक पहुंची थी और उनके परिवार की सुविधा के लिए 20 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे उन सभी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार को भी रोका गया था।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 13 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें





