गुरूवार, 15 अक्टूबर 2026
इंदौर की ताज़ा खबरें – City Blast Indore Hindi News
ब्रेकिंग
चौराहा पर भिड़े दो पक्ष… महिलाओं के बीच भी हाथापाई उधारी के पैसों के विवाद में दो बेटों ने बुजुर्ग पिता और छोटे भाई पर डंडों से किया हमला नाली के पानी और ब्रेकर को लेकर विवाद घर के बाहर महिला से मारपीट और तोड़फोड़ दुष्कर्म पीड़िता को गवाही बदलने के लिए धमकाने वाला आरोपी गिरफ्तार चेकिंग के दौरान पकड़ाया चोरी का वाहन, आरोपी धराया बिजली के खंभे और तारों में लगी भोलाराम उस्ताद मार्ग पर मची अफरा-तफरी बर्तन बाजार की दुकान के तलघर में चोरी विद्यालयीन खुली बैडमिंटन स्पर्धा में 270 प्रविष्टियां आई अनय, जयदीप और राधिका राज्य शालेय फेंसिंग स्पर्धा में भाग लेंगे तीरंद़ाजी प्रशिक्षण का शुभारंभ
इंदौर

स्कूलों को शिक्षा विभाग की ओर से कड़ी चेतावनी

स्कूल प्रोफाइल एण्ड टीचर प्रोफाइल अनिवार्य रूप से कंप्लीट कर ले अन्यथा काम नहीं करने पर मान्यता समाप्त करने का भी पत्र आगे दिया जाएगा

शिक्षा विभाग की ओर से सभी अशासकीय स्कूलों को संचालक और प्राचार्य को अनिवार्य सूचना पत्र कल भेजा गया। यह पत्र काफी सख्त था। पत्र में यह बताया गया कि हर हाल में आज दोपहर 1 बजे तक स्कूल प्रोफाइल एण्ड टीचर प्रोफाइल अनिवार्य रूप से कंप्लीट कर ले नहीं तो उस स्कूल को एसओ-2 फार्म से उस विद्यालय के किसी भी विद्यार्थी को इस वर्ष नहीं जोडा जाएगा और संकुल की ओर से अधीनस्थ स्कूलों को जानकारी दी गई कि आज कार्य पूर्ण नहीं होने पर वरिष्ठ शिक्षा कार्यालय को उन स्कूलों की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई करने हेतु पत्र लिखा जाएगा जिसकी सारी जवाबदारी सम्बंधित स्कूल प्राचार्य की होगी। इस सूचना में यह भी हवाला दिया गया कि हर अशासकीय संस्था द्वारा मान्यता के समय एक वचन पत्र दिया गया है जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि जो विद्यालय शासन के द्वारा प्रदत्त नियम और आदेशों का पालन नहीं करता है ऐसी स्थिति में उस विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाए। अतः सभी अशासकीय विद्यालय संचालकों से अनुरोध है कि उक्त कार्य आज 1:00 बजे तक हर हाल में करना सुनिश्चित करें क्योंकि कार्य समय सीमा का है और कल इसके संबंध में सीईओ जिला पंचायत की समीक्षा होना है।

संकुल प्राचार्यों के सख्त लहजे से स्कूल है परेशान

निजी विद्यालय के प्राचार्य जिला शिक्षा विभाग के सम्बंधित संकुल से खासे परेशान रहते है, आए दिन कोई न कोई जानकारी लेने और तत्काल आनलाइन कार्य करने के निर्देश संकुल प्राचार्य द्वारा दिए जाते है और हमेशा स्कूल की मान्यता समप्त करने और कार्रवाई की बात की जाती है। इधर निजी स्कूल से सम्बंधित एसोसिएशन और सीबीएसई ग्रुप से जुडे प्राचार्यों का कहना है कि सारे स्कूल प्राचार्य परेशान है, आए दिन मान्यता समाप्त करने की धौस दी जाती है।

कभी स्कूल के कक्ष मांगते है तो कभी बस

निजी स्कूलों के प्राचार्यों का कहना है कि इसी माह खेल प्रतियोगिता हुई थी और स्कूलों से विद्यार्थियों के रूकने के लिए कई कक्ष मागे जाते है और इन विद्यार्थियों को खेलने वाले स्थान तक लाने और ले जाने के लिए बसों की मांग की जाती है। शिक्षा विभाग से जुडे खेल पदाधिकारियों द्वारा सीधे स्कूल प्राचार्यों को धमकाया जाता है और कहा जाता है कि कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से बात कर लो नहीं तो आपके स्कूल की मान्यता समाप्त होगी और स्कूल पर भी कार्रवाई होगी। प्राचार्यों का कहना है कि आए दिन शासकीय कार्य और राजनेताओं के आयोजन के लिए बसें मांगी जाती है जबकि स्कूलों में अतिरिक्त बसें नहीं होती है, या तो स्कूलों की छुट्टी करना होती है या पालकों से बच्चों को स्कूल छोडने का कहा जाता है जिससे पालक भी नाराज होते है। कुछ प्राचार्यो ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र के एक शासकीय खेल प्रमुख हमेशा स्कूल प्राचायों से विद्यार्थी खिलाडियों के ठहरने के लिए कक्ष और बसों की हमेशा मांग करते है और तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से बात करने की भी बात करते है। स्कूल संचालक परेशान है। आखिर इन सब गलत बातों का विरोध कैसे करे आखिर उन्हें स्कूल चलाना है।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 15 October 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें

📰 अख़बार की कटिंग

सिटी ब्लास्ट, 15 October 2026, पृष्ठ 5