विश्वेश्वर: ब्रह्माण्ड का स्वामी।
जटाधारी: शिव के केश जो आध्यात्मिक, अनुशासन, वैराग्य और पवित्र गंगा के प्रवाह का प्रतीक है। चंद्रपाल: वह रूप जो चंद्रमा के स्वामी हैं।
मृत्युंजय: वह रूप जिसमें शिव ने मृत्यु पर विजय पा ली हो।
उमापति: पार्वती के पति।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 10 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




