एक बयान में कहा कि हाल ही में भागीरथपुरा की घटना की जांच करने वाले आयोग की रिपोर्ट आ चुकी है। इस रिपोर्ट में जिन अधिकारियों को दोषी माना गया है उनमें सिसोनिया भी शामिल है। ऐसे में इस अधिकारी को घटना के बाद केवल इंदौर से स्थानांतरित किया गया था। इस अधिकारी के निलंबन की घोषणा जरूर की गई थी लेकिन निलंबन का आदेश जारी नहीं हुआ था। अब जब भागीरथपुरा के लोग जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं तब सरकार के द्वारा सिसोनिया को कलेक्टर बनाकर इन नागरिकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है। राज्य सरकार के इस फैसले से भागीरथपुरा क्षेत्र के नागरिक अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। होना तो यह चाहिए था कि जांच आयोग की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए सिसोनिया के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए था। चौकसे ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ परीक्षित झाड़े को शाजापुर का कलेक्टर बनाकर यह बता दिया गया है कि उनके द्वारा अपने कार्यकाल में जो कुछ किया गया वह सरकार के निर्देश पर किया गया। ध्यान रहे कि पिछले महीने जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम था तब झाडे के द्वारा प्राधिकरण के मैदान पर इस कार्यक्रम को करने की अनुमति देने के लिए चार दिन का किराया 14 लाख रुपए लिया गया था। अब 1 महीने के लिए पटाखा की व्यावसायिक दुकान इस जमीन पर लगाने का किराया मात्र 4 लाख लेने का षड्यंत्र किया जा रहा है। हकीकत में देखा जाए तो सरकार ने झाडे को कांग्रेस के कार्यक्रम में समस्या पैदा करने का इनाम दिया है। उक्त पूर्ण जानकारी शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिन्टू चौकसे ने दी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 14 October 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






