देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तक्षशिला परिसर में बनने वाली मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की बाधाएं खत्म हो गई है। यह 6 मंजिला बनेगी। यहाँ आईआईपीएस, आईएमएस और लॉ सहित 8 टीचिंग विभाग अतिरिक्त क्लास लगाएंगे। जबकि चार विभागों को पूरी एक एक मंजिल अलॉट होगी। तक्षशिला परिसर में 8 करोड़ रुपए की लागत से यह मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं रहेंगी। साथ ही हर फ्लोर पर चार से पांच स्मार्ट क्लास रूम रहेंगे। इसे लेक्चर हॉल थियेटर नाम दिया गया है।
क्यों अहम है ये प्रोजेक्ट- तक्षशिला परिसर
का कोई भी टीचिंग विभाग, जहां क्लास रूम की कमी है, वह यहां क्लासेस लगा सकेगा। इसके साथ ही डीएवीवी अब नए सेंट्रल लाइब्रेरी भवन के लिए भी 2 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। इसके साथ ही आवास निर्माण एवं विकास कार्य के लिए 2 करोड़ रुपए खर्च किए जाने वाले हैं। नालंदा एवं तक्षशिला परिसर में ड्रेनेज लाइन के विकास पर भी 5 करोड़ रुपए खर्च होंगे। लेकिन ये भी है चिंता लेकिन चिंता ये भी है कि लगातार छठे साल डीएवीवी के बजट में कुछ टीचिंग विभागों के विस्तार व कुछ के नए भवन के प्रस्ताव रखे थे। काम कभी शुरू नहीं हुआ। इसमें नालंदा परिसर में नवीन प्रशासकीय भवन के लिए डेढ़ करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा जीव विज्ञान अध्ययनशाला के नए आडिटोरियम को संवारने के लिए भी 75 लाख रुपए खर्च होना है। ई- लाइब्रेरी की स्थापना पर 50 लाख रुपए का बजट मंजूर किया गया था। इसके साथ ही कर्मचारियों के आवास के लिए 3 करोड़ 80 लाख रुपए मंजूर हुए। काम किसी का शुरू नहीं हुआ। वहीं आईईटी के दो आडिटोरियम के लिए 3 करोड़ मंजूर हुए थे, वहीं आईआईपीएस के विस्तार पर 4 करोड़ व कामर्स विभाग के आडिटोरियम के नवीनीकरण के लिए भी 1.5 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर हुए थे। सिर्फ कॉमर्स का काम पूरा हो पाया है। स्कूल इकोनॉमिक्स में क्लास रूम के निर्माण के लिए दो करोड़ की मंजूरी दी गई थी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 11 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




