रविवार, 25 अक्टूबर 2026
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प्रदेश में अब कोचिंग क्लास को कराना होगा रजिस्ट्रेशन

वेबसाइट बनाकर बताना होगी फीस और फैकल्टी की स्थिति

विद्यार्थियों की मदद करने के लिए तो कोचिंग क्लास चल ही रहे हैं। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सबसे ज्यादा कोचिंग क्लास का संचालन किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में इंदौर को शिक्षा का हब माना जाता है। ऐसे में इंदौर में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की बहुत सारी कोचिंग क्लास का संचालन किया जा रहा है। इन कोचिंग क्लास के कारोबार पर नजर रखने के लिए अब सरकार के द्वारा अपना चाबुक चलाया गया है।

मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कल एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस गैजेट नोटिफिकेशन के माध्यम से मध्य प्रदेश कोचिंग केंद्र नियम 2026 को सार्वजनिक कर दिया गया है। इस नियम में सरकार के द्वारा यह प्रावधान कर दिया गया है कि प्रदेश में संचालित सभी कोचिंग क्लासेस को अपनी वेबसाइट बनाना होगी और उस पर अपनी कोचिंग क्लास के फीस के द्वारा की जाने वाली मनमानी पर भी लगाम लग सकेंगी।

उक्त नियम बना लिए जाने के बाद अब मध्य प्रदेश में विद्यार्थियों को कोचिंग क्लास के संचालकों के द्वारा किए जाने वाले आर्थिक शोषण से मुक्ति मिलने की उम्मीद है। अभी तो कोचिंग क्लास संचालकों के द्वारा मनमानी फीस ली जाती है। अब वह फीस कोचिंग क्लास की वेबसाइट पर भी बताने का नियम बनाए जाने के कारण मनमानी पर रोक लग सकेगी। बहुत से बच्चों के द्वारा कोचिंग क्लास में एडमिशन ले लिया जाता है लेकिन बाद में पढ़ाई नहीं जमने के कारण कोचिंग क्लास को छोड़ दिया जाता है। ऐसी स्थिति में कोचिंग क्लास संचालकों के द्वारा इन बच्चों के द्वारा जमा किए गए पैसे वापस करने से इनकार कर दिया जाता है। अब इस तरह के मामलों की शिकायत जिला कलेक्टर के पास की जा सकेगी। स्ट्रक्चर तथा कोचिंग क्लास में शिक्षण करवाने वाले फैकल्टी के बारे में विस्तार से जानकारी देना होगी। इस नियम में सबसे पहला और प्रमुख प्रावधान किया है कि हर कोचिंग

पहली बार किया ऐसा

यह पहला मौका है जब राज्य सरकार के द्वारा कोचिंग क्लासेस के लिए नियम बनाए गए हैं। अब तक मध्य प्रदेश में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी। उक्त नियम बनाए जाने के बाद अब इन क्लासेस में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके पेरेंट्स को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही कोचिंग क्लास के संचालकों

शोषण से मिलेगी मुक्ति

क्लास को अपना पंजीयन करवाना होगा। इस नियम में सरकार के द्वारा यह प्रावधान किया गया है की कोचिंग क्लास में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए हर स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगाना पड़ेंगे। विद्यार्थियों के वॉशरूम लिविंग एरिया और चेंजिंग रूम में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाएंगे। इसके साथ ही हर कोचिंग क्लास पर विद्यार्थियों की शिकायत के लिए शिकायत पेटी लगाना होगी। इस शिकायत पेटी में विद्यार्थियों के द्वारा जो शिकायत की जाती है उनकी सुनवाई कर निराकरण करना होगा। सभी कोचिंग क्लासेस पर जिला प्रशासन के द्वारा नजर रखी जाएगी। सरकार के द्वारा इस नियम में यह प्रावधान भी कर दिया गया है कि अब हर जिले में कोचिंग क्लासेस की मॉनिटरिंग के लिए कमेटी बनाई जाएगी। ऐसी ही कमेटी राज्य स्तर पर भी बनाई जाएगी। सभी कोचिंग संचालकों के लिए यह आवश्यक होगा कि वे राज्य सरकार के द्वारा इस नियम में किए गए प्रावधान का पालन करें।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 25 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें

📰 अख़बार की कटिंग

सिटी ब्लास्ट, 25 अक्टूबर 2026, पृष्ठ 4