कम बारिश के चलते आने वाले महीनों में गहराते जल संकट की आशंका के बीच इंदौर में आज बड़ा मंथन होने जा रहा है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अपर मुख्य सचिव की मौजूदगी में शहर के विधायक, महापौर और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। इसमें जल संरक्षण, वैकल्पिक जल स्रोतों और पानी की बर्बादी रोकने के लिए ठोस निर्णय लिए जाने की संभावना है।
तालाब भरने से लेकर बोरिंग तक पर चर्चा
बैठक में तालाबों को भरने, भूजल के दोहन पर नियंत्रण और नई बोरिंग के लिए अनुमति संबंधी व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। उद्देश्य यह है कि उपलब्ध जल स्रोतों का बेहतर प्रबंधन किया जाए और गर्मी के दौरान पेयजल की समस्या गंभीर होने से पहले ही जरूरी कदम उठा लिए जाएं।
वॉशिंग सेंटरों पर ट्रीटेड वाटर अनिवार्य करने की तैयारी
वाहन वॉशिंग सेंटरों, निर्माण स्थलों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में पीने योग्य पानी के इस्तेमाल को कम करना भी प्राथमिकता होगी। इन कार्यों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित पानी का उपयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। इससे नर्मदा जल और भूजल पर निर्भरता कम की जा सकती है।
टर्शियरी प्लांट लगाने पर जोर
होटल, अस्पताल, मॉल और बड़े संस्थानों में टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है। इन प्लांटों से उपचारित पानी का दोबारा उपयोग बागवानी, सफाई और अन्य गैर-पेयजल कार्यों में
पहले से तैयार हो रहा जल प्रबंधन प्लान
इंदौर में हर वार्ड के कुएं-बावड़ियों का सर्वे, जल स्रोतों के संरक्षण और ट्रीटेड वाटर की आपूर्ति बढ़ाने जैसी योजनाओं पर भी काम चल रहा है। यशवंत सागर को नर्मदा-क्षिप्रा लिंक के पानी से भरने की स्वीकृति की खबर भी सामने आई है। किया जा सकेगा। नगर निगम की जल व्यवस्था और अधिकारियों के रवैए से पार्षद और विधायक नाराज हैं। बीते दिनों गर्मियों में पार्षद और विधायकों के खिलाफ लोग सड़क पर उतरे और आक्रोश जताने पाने के लिए लोग धरने पर बैठे। कई स्थानों पर हंगामा भी हुए जिससे जनप्रतिनिधियों की छवि धूमल जनता के बीच हुई है इसके बावजूद भी नगर निगम में जल व्यवस्था ऐसे अधिकारियों के जुम्मे अभी सौंपी गई है जो विधायक और पार्षद का फोन तक नहीं उठाते इसके अलावा जनता से भी फील्ड में कोई संवाद नहीं करते। बैठक के दौरान अपर आयुक्त आशीष पाठक पर नाराजगी जताई जाने की संभावना है। पार्षदों का कहना है कि पाठक मुसाखेड़ी जल यंत्रालय और नगर निगम दोनों कार्यालय में आम नागरिकों की समस्याएं नहीं सुनते गंदे पानी की समस्या पर भी गंभीरता नहीं है इसके अलावा धरने प्रदर्शन के दौरान भी उनकी टीम और वो खुद गायब रहते हैं जबकि व्यवस्था कायम करना उनका काम है।
आज की बैठक
इस पर शहर की नजर रहेगी।
पर शहर की नजर
फिलहाल प्रस्तावित मुद्दों पर चर्चा बैठक में इन प्रस्तावों पर क्या की जानकारी है; अंतिम निर्णयों की निर्णय होते हैं और उन्हें लागू करने आधिकारिक पुष्टि बैठक के बाद की समयसीमा क्या तय होती है, ही होगी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 15 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




