यही नहीं इसके लिए अफसरों द्वारा ब्रिज के नीचे खाली छूटी जगह पर पूरी प्लानिंग बनाकर ब्रिज के नीचे के हिस्से को संवारकर यहां जन उपयोग के लिए खेल मैदान से लेकर स्टूडेंट्स के लिए लायब्रेरी और अन्य प्रस्तावित विकास कार्य करने की तैयारी थी। लेकिन तीन से चार साल बाद भी अभी तक कोई काम शुरू नहीं हो पाए। उल्टा खाली जगह पर आसपास के गैरेज और सर्विस सेंटर वालों ने कब्जे कर अवैध पार्किंग का अड्डा बना लिया है। जहां सुबह लेकर रात तक कई फोर व्हीलर गाडियां आराम से खड़ी रहती है। यही नहीं भंवर कुआं ब्रिज के नीचे तो दिनभर कारें खड़ी रहती है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 25 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें


