मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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17 अक्टूबर से परीक्षा,1700 पद लेकिन मांग नहीं मानने से उलझे डिप्लोमाधारी

एमपी ईएसबी ग्रुप-3 सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा का मामला

एमपी ईएसबी की ग्रुप-3 सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा 17 अक्टूबर से होने जा रही है। लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन, बिजली सहित अन्य विभागों में सब इंजीनियर भर्ती के लिए यह परीक्षा होने जा रही है। इस बार परीक्षा 17 अक्टूबर से होने जा रही है। आरोप था कि नीति की वजह से कुल पद संख्या 1700 होने के बाद भी डिप्लोमा करने वालों को मौका मिलना मुश्किल है।

इस परीक्षा में बीई-बीटेक और एमटेक डिग्रीधारकों को भी मौका दिए जाने पर अभ्यर्थियों ने गंभीर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि सब इंजीनियर पद के लिए तीन वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा को ही अनिवार्य योग्यता रखा जाना चाहिए। उनका तर्क था कि अन्य राज्यों में यही नियम लागू है, लेकिन यहां की गलत नीति की वजह से पॉलिटेक्निक छात्रों के भविष्य पर ही संकट आ गया। अभ्यर्थियों ने सीएम के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। तर्क दिया गया था कि आईआईटी या अन्य बड़े इंस्टिट्यूट से बीटेक- बीई करने वाले छात्रों के लिए यह निकालना बड़ी चुनौती नहीं है। उनके पास करियर के ढेरों विकल्प हैं, लेकिन पॉलिटेक्निक छात्रों के पास यही एकमात्र विकल्प है। उनका तर्क था कि बड़े और नेशनल लेवल के इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट से पास छात्रों के लिए यह एग्जाम क्वालिफाई करना कठिन चुनौती नहीं है। अभ्यर्थियों ने ये तर्क भी रखे थे कि उच्चतम न्यायालय ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए केवल प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा को आवश्यय एवं उपयुक्त शैक्षणिक योग्यता माना है। उच्च योग्यता (बीएड) को प्राथमिक स्तर से पृथक रखा है। सब इंजीनियर का पद मूल रूप से तकनीकी डिप्लोमा (3 वर्षीय) धारकों के लिए ही सृजित किया गया है।

2014 से पहले अलग थी स्थिति

वर्ष 2014 से पूर्व इस परीक्षा में केवल डिप्लोमा ही अनिवार्य योग्यता थी। सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा-2026 के विज्ञापन में बीई, बीटेक व एमटेक धारकों को अनुमति मिलने के कारण डिप्लोमा वाले छात्रों की संभावनाएं लगभग खत्म हो गई हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, महाराष्ट्र आदि अन्य पड़ोसी राज्यों एवं डीआरडीओ जैसे प्रतिष्ठित संस्थाओं में सब इंजीनियर, कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षाओं में केवल पॉलिटेक्निक डिप्लोमा को ही अनिवार्य योग्यता माना जाता है, इसलिए इस परीक्षा में भी सिविल- इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल में पॉलिटेक्निक डिप्लोमा वालों को ही मौका दिया जाए।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 13 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें

📰 अख़बार की कटिंग

सिटी ब्लास्ट, 13 अक्टूबर 2026, पृष्ठ 8