ज्योतिषाचार्य पं. मोहित शर्मा ने बताया कि इस वर्ष सर्व पितृ अमावस्या 10 अक्टूबर, शनिवार को मनाई जाएगी। शनिवार के दिन अमावस्या पड़ने से इसे शनिचरी अमावस्या भी कहा जाएगा, जो कि इस वर्ष की अंतिम शनिचरी अमावस्या है। अमावस्या तिथि का आरंभ 09 अक्टूबर रात्रि 09:35 बजे से होगा एवं समापन 10 अक्टूबर रात्रि 09:19 बजे पर होगा। उदया तिथि के अनुसार सर्व पितृ श्राद्ध, तर्पण एवं पिंडदान 10 अक्टूबर को ही संपन्न होगा। शनिचरी अमावस्या होने से इस दिन पितृ दोष के साथ-साथ शनि दोष, साढ़े साती एवं ढैय्या से मुक्ति के उपाय भी अत्यंत प्रभावी माने गए हैं। पंडित मोहित शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस महापर्व पर पितरों की शांति हेतु तर्पण, ब्राह्मण भोज, गौ- सेवा एवं शनि देव से संबंधित दान काले तिल, तेल, उड़द अवश्य करें।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 8 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 6 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




