कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई की व्यवस्था को अब और कारगर बनाया जाएगा। इसके तहत शिकायत करने के लिए आने वाले व्यक्ति की शिकायत को पहले से समझ लिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन के द्वारा नई योजना तैयार की गई है।
राज्य सरकार के द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार हर मंगलवार को सुबह 11:00 बजे से दोपहर के 1:00 बजे तक कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। इसमें बड़ी संख्या में शहरी नागरिकों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचते हैं। यहां जनसुनवाई में दी जाने वाली शिकायत को गंभीरता से लिए जाने और उसका समाधान करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाते हैं। यही कारण है कि लोगों का विश्वास इस जनसुनवाई के प्रति बढ़ गया है। कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के नाम पर जनता की केवल शिकायत सुनने की औपचारिकता नहीं निभाई जाती है बल्कि हर शिकायत का रिकॉर्ड भी रखा जाता है और यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि हर शिकायत का समाधान हो। जनता के इस विश्वास को ध्यान में रखते हुए ही अब कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई की व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। अभी भी कोई भी व्यक्ति शिकायत लेकर पहुंचता है तो पहले उसका पंजीयन किया जाता है उसके बाद में उसे अपनी शिकायत अधिकारियों के समक्ष व्यक्त करने के लिए कलेक्टर कार्यालय की पहली मंजिल के सभागार के बाहर नंबर देकर बैठा दिया जाता है। सभागार में बैठे हुए अधिकारी नंबर के आधार पर आम नागरिकों की शिकायत की सुनवाई करते हैं। वैसे तो जनसुनवाई का समय दोपहर 1:00 बजे तक का है लेकिन कलेक्टर कार्यालय में यह जनसुनवाई दोपहर के दो और ढाई बजे तक चलती रहती है। इस जनसुनवाई की व्यवस्था में अब जो परिवर्तन किया जा रहा है उसके अनुसार संबंधित व्यक्ति की शिकायत को भी पहले से दर्ज कर लिया जाएगा। उसके बाद में इस शिकायत को ट्रैकिंग सिस्टम पर रखा जाएगा। इसमें यह कोशिश की जाएगी कि कम से कम समय में शिकायत का समाधान किया जाना चाहिए। इस तरह से एक बड़ा डाटा बैंक तैयार किया जाएगा। इस डाटा बैंक से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कलेक्टर कार्यालय में शिकायत लेकर आने वाले व्यक्तियों को कितने कम समय में उनकी शिकायत का समाधान मिल सका।
कलेक्टर शिवम वर्मा के द्वारा जनता को सहयोग करने के लिए हमेशा तत्परता दिखाई जाती है। जब कोई विकलांग आ जाता है तो उसकी मदद साधन और सुविधा से की जाती है जबकि कोई बीमार आता है तो उसकी मदद इलाज की व्यवस्था से की जाती है। गरीब परिवार के बच्चों के आने पर उनके शिक्षा की व्यवस्था को आकार दिया जाता है। यह सारी व्यवस्था रेड क्रॉस समिति के फंड से की जाती है। अब जनसुनवाई को अधिक व्यापक और बेहतर कर देने से लोगों को आसानी से मदद मिल सकेगी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 10 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




