महावर नगर में कुछ वर्षों से रावण मार्केट बना हुआ है। यहां सबसे कम कीमत का रावण 300 रु. में मिल जाता है और साइज के मुताबिक दाम तय होते हैं। प्रकाश महावर कोली ने बताया कि अन्नपूर्णा रोड, महावर नगर के बाहर 10 साल पहले उस समय के 10 वर्षीय आदित्य धनवाडिया ने शौकिया तौर पर रावण का पुतला बनाया था, जिसे राह चलते ने इसे 500 रु. में खरीद लिया था। आदित्य के शौक ने महावर नगर के लोगों को रावण के पुतले निर्माण का रोजगार दे दिया इस समय करीब 50 घरों में रावण के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। 51 हजार रु. तक की कीमत के रावण यहां बिक जाते हैं अभी पहला रावण 500 रु. में बेचने की बात भी कही गई है। आदित्य पिछले तीन सालों से राजगढ़ धार के लिए 51 फीट का रावण बनाने का आर्डर ले रहे हैं। माता तुलसी धनवाड़िया और पिता सुरेश धनवाड़िया व परिजनों का सहयोग भी रावण निर्माण में मिल रहा है। इन दिनों महावर नगर के मुख्य मार्ग पर रावण के मुखौटे लगे हुए नजर आ रहे हैं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 14 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 6 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






