अमेरिका ने लगातार 11वीं रात ईरान के 5 शहरों पर बम बरसाए और ईरान के एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन स्टोरेज साइट को उड़ा दिया। ईरान से युद्ध में अमेरिका अब तक 3.6 लाख करोड़ से ज्यादा खर्च कर चुका है। इसके बावजूद अमेरिका को लोहे के चने चबाने पड़ रहे हैं। उधर होर्मुज के बाद नया रास्ता भी बंद हो गया, जिसके कारण भारत और चीन आ रहे सऊदी अरब के तेल टैंकरों को यूटर्न लेना पड़ा। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान ने अपनी औकात दिखाते हुए अमेरिका से 10 अरब डॉलर की दलाली मांगी है। इस युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम 91 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गए हैं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 22 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




