दिए गए शिकायत पत्र के अनुसार वर्तमान उप-पंजीयक रामभरोसे चौरे ने जुलाई माह से सांवेर कार्यालय में कार्यभार संभाला है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के रजिस्ट्री कार्य में अनावश्यक व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है, जिससे दस्तावेजों का पंजीयन प्रभावित हो रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण सर्विस प्रोवाइडरों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकिं कई सर्विस प्रोवाइडर को इस काम का लंबा अनुभव है। सर्विस प्रोवाइडर्स का यह भी कहना है कि जो काम पिछले कई सालों से हो रहा है और जिस नियम से आज भी इंदौर में ही पंजीयन हो रहा है उनमें भी नए रजिस्ट्रार जानबूझकर रोड़े अटका रहे है। शिकायत के बाद भी जब सुनवाई नही हुई तो इसी के विरोध में 10 अगस्त से काम बंद किया गया है।
सब-रजिस्ट्रार रामभरोसे चौरे का पक्ष
उप-पंजीयक रामभरोसे चौरे ने कहा कि वे सभी कार्य नियमानुसार और वैध दस्तावेजों के आधार पर करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरा काम केवल कानून के अनुसार दस्तावेजों की जांच कर रजिस्ट्री करना है। यहां के कुछ सर्विस प्रोवाइडर चाहते हैं कि सभी मिलकर दबाव बनाएं और उनके मनमाने अनुसार काम करूँ लेकिन मैं गलत काम नहीं करूंगा।’ उन्होंने बताया कि कई मामलों में आधार कार्ड में नाम अलग होता है, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में नाम अलग दर्ज रहता है। इसी तरह कुछ मामलों में पूरे रकबे में कई भू- स्वामियों के नाम दर्ज होते हैं, लेकिन रजिस्ट्री कराने केवल कुछ लोग ही पहुंचते हैं। ऐसे मामलों में आवश्यक वैध दस्तावेजों की पूर्ति नहीं की जाती, जिससे भविष्य में क्रेता और विक्रेता दोनों को कानूनी परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण और सही होने पर ही रजिस्ट्री की जाएगी। सीनियर डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार मंजुलता पटेल ने बताया इस मामले में शिकायत मिली थी लेकिन सर्विस प्रोवाइडर ने काम बंद कर दिया है इसकी जानकारी अभी नही है। शिकायत के बाद सब रजिस्ट्रार का पक्ष भी सुनकर आगे उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 13 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




