कल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जनप्रतिनिधियों के साथ बरसात की कमी के कारण आगामी दिनों होने वाली पानी की कमी को लेकर बैठक बुलाई थी। इस बैठक में विधायक मालिनी गौड़ भी नहीं पहुंची थी। गौड़ की नाराजगी यह थी कि उनकी विधानसभा में कई जगह छोटी-मोटी समस्याएं है निगम उनको हल नहीं करा पाता है और यहां तक कि कई प्रमुख क्षेत्रों में पानी की समस्या है, कई जगह गंदे पानी की समस्या है, गौड़ ने कहा कि जब छोटी-मोटी समस्या हल नहीं होती है, तो बैठक में जाने का क्या मतलब है गौड़ ने यहां तक कहा कि उनके महापौर के दौरान 7 साल पहले गोंदवलेधाम की पानी की टंकी बनवाई थी उसके बाद आज तक वह टंकी शुरू नहीं हो पाई है उसमें बिजली कनेक्शन तक नहीं हुए हैं और बिजली कनेक्शन के लिए तत्कालीन निगम कमिश्नर शिवम वर्मा से लेकर अन्य अधिकारियों को भी लिखा गया, गौड़ ने यह भी कहा कि उषा नगर, रविदासपुरा और यहां तक कि उनके गृह क्षेत्र लोधीपुरा गली नं. 3 में पानी की समस्या है। कई जगह गंदे पानी की समस्या है, झोन से लेकर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों तक को कहा गया है, लेकिन समस्याएं हल नहीं होती है। बड़ी राशि खर्च कर गोंदवलेधाम की टंकी बन चुकी है, लेकिन छोटे काम में अभी तक पानी सप्लाय शुरू हो नहीं हुआ है, जबकि इस टंकी से सैकड़ों परिवार पानी से लाभान्वित होंगे। गौड़ ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के लिए मैं कई बार अधिकारियों से मिल भी चुकी हूं, लेकिन गोंदवलेधाम टंकी सहित अन्य समस्याएं हल नहीं हुई है। गौड़ का सीधा मकसद यही था कि क्षेत्र की समस्याएं हल की जाए, जनता ने जनप्रतिनिनिधि के रूप में चुना है, अगर जनता की समस्याएं हल नहीं होती है तो ऐसी बैठक में जाकर करेंगे क्या। खास नाराजगी गौड़ की पानी की टंकी को लेकर ही थी और तत्कालीन कमिश्नर हर्षिका सिंह से लेकर शिवम वर्मा तक से टंकी की बात की जा चुकी है, जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू और अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई थी उसमें भी टंकी जल्द शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन टंकी शुरू नहीं हुई।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 16 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






