जरूरत मंद व्यक्ति को रक्त उपलब्ध करवाना या रक्त दान करना आधुनिक स्वस्थ सेवा प्रणाली में मानवता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। रक्त दाता या रक्त प्राप्त कर्ता कोई भी हो। दाता भविष्य मे प्राप्त कर्ता भी बन सकता है और प्राप्त कर्ता भविष्य में स्वस्थ रक्त दाता बन सकता है। इसलिए बिना किसी अपेक्षा के रक्त दान करना मानवता का एक महान कार्य है और जीवनरक्षक प्रक्रिया का एक महत्व पूर्ण हिस्सा है। केवल अपने रिश्तेदार परिवार या दोस्तो को ही रक्त दान ना करे बल्कि स्वेच्छा से किसी भी जरूरत मंद को रक्त दान करना ही सच्ची मानवता है। एक अक्टूबर को राष्ट्रीय रक्त दान दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय स्वेच्छिक रक्त दान दिवस पर विभिन्न प्रकार के आयोजन जैसे जागरूकता अभियांन और रक्त दान शिविर और रक्त दान से संब्ंधित अनेक आयोजन देश भर में किये जाते है। औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के अनुसार रक्त दाताओं के लिए विभिन्न मान दंड निर्धारित है जैसे रक्त दाता की आयु अठराह् वर्ष से साठ वर्ष के बीच होनी चाहिए। वजन 45 किलो या उससे अधिक होना चाहिए। हिमोग्लोबिन 12 से अधिक होना चाहिए। रक्त मानव जीवन का एक अभिन्न अंग है अत: हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्त दान अवश्य करना चाहिए। स्वैच्छिक रक्त दान दिवस की शहर के सभी रक्तदाताओ को भावसार यंग ब्लड डोनर ग्रुप की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं। रक्त दान कीजिये और किसी को नव जीवन दीजिये।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




