पुलिस के अनुसार, फरियादी अंकित उपाध्याय सराफा स्थित सांवेरवाला ज्वैलर्स में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। गत 8 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 1 बजे वे शोरूम का 10 लाख रुपये का कलेक्शन बैंक में जमा कराने के लिए मोपेड पर सवार होकर निकले थे। जब वे डीआरपी लाइन के पास भारतीय स्टेट बैंक के गेट पर पहुंचे, तो वहां उनकी पुरानी परिचित आयुषी बागदे उर्फ आयुषी वर्मा से मुलाकात हुई। आरोप है कि युवती ने अंकित को रोककर कहा कि वह अक्सर बड़ी रकम बैंक में जमा कराने जाता है, इसलिए आज वह पैसों के साथ फोटो खिंचवाना चाहती है और इंस्टाग्राम के लिए एक रील बनाना चाहती है। अंकित ने पहले तो इसके लिए साफ इनकार कर दिया, लेकिन युवती की बार-बार की जिद और कसम देने पर वह स्नेहलतागंज स्थित उसके घर के पास जाने के लिए तैयार हो गया। युवती के घर के पास पहुंचते ही उसने अंकित से कहा कि वह रील शूट करने के लिए 10 लाख रुपये अपनी एक्टिवा की डिग्गी में रख दे। युवती ने भरोसा दिलाया कि वीडियो शूट पूरा होने के बाद वह तुरंत पैसे वापस लौटा देगी। परिचित होने के कारण अंकित ने बिना किसी संदेह के वह पूरी रकम उसकी एक्टिवा की डिग्गी में सुरक्षित रखवा दी। इसके बाद युवती घर जाने का बहाना बनाकर एक्टिवा लेकर वहां से रवाना हुई और दोबारा लौटकर नहीं आई। जब काफी देर तक युवती वापस नहीं आई और उसका संपर्क नहीं हो पाया, तब अंकित को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत अपने शोरूम मालिक को घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद वे एमजी रोड थाने पहुंचे और थाना प्रभारी विजय सिसौदिया को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। एमजी रोड थाना पुलिस ने पीड़ित मैनेजर की शिकायत के आधार पर आरोपी युवती आयुषी बागदे उर्फ आयुषी वर्मा के प्रकरण दर्ज कर लिया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 12 October 2026 के अंक में पृष्ठ 12 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



